विश्राम गृह, वॉच टावर सहित जंगल के बीच स्थापित है प्राचीन गणेश मंदिर

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लालबर्रा। क्षेत्र में पौराणिक व पर्यटन से संबंधित संपदाओं की भरमार है। बर्शे इन पौराणिक व पर्यटन संपदाओं के चिन्हांकन और इनके जीर्णोद्वार की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। वर्षो से ऐसी संपदाओं को सहेजे लालबर्रा क्षेत्र को अब भी आवंटन की दरकार है। क्षेत्र के जागरूकजनों की माने तो सरकार क्षेत्र की पौराणिक संपदाओं की ओर ध्यान देते हुए राशि आवंटित करें तो क्षेत्र में भी जिले का उम्दा पर्यटन स्थल विकसित हो सकता है।

पौराणिक व पर्यटन संपदाओं की बात करें तो मुख्यालय से 8 किमी. दूर स्थित ग्राम पंचायत टेकाड़ी ला. अंतर्गत दक्षिण सामान्य वन मंडल परिक्षेत्र लालबर्रा की सीमा से सटे वनग्राम चिखलाबर्डी, सोनेवानी व नवेगांव में प्राकृतिक छटा से आलौकिक घने जंगल विकसित है। यहां जंगली जानवर, वर्षो पुराना सागौन का वृक्ष, ब्रिटिश शासन द्वारा 1903 में बनाया गया विश्राम गृह, वाच टॉवर, जल स्त्रोत, झिरीया, प्राचीन गणेश मंदीर सहित अन्य संपदाएं ऐसी है, जिनका विकास होने पर ये पूरे जिले को पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा स्थान दिलवा सकते हैं। मुख्यालय से 7 किमी. दूरी तय करने पर टेकाड़ी बैरियर पार करते ही सर्राटी जलाशय भी शैलानी व पर्यटकों को सौन्दर्य दर्शन करवाते हैं। यहां विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने भी आते हैं।...

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