शिक्षा के मंदिरों में खेलों से दूरी

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दौसा. जिले में इन दिनों स्कूली शिक्षा की खेलकूद प्रतियोगिताएं चल रही हैं। इनमें शामिल विद्यालयों की टीमों की संख्या बहुत कम है। इस कारण कई खेलों में तो प्रतियोगिताओं के नाम पर खानापूर्तिहो रही है। खास बात यह हैकि जिले में सैकड़ों स्कूलें हैं, लेकिन इन शिक्षा के मंदिरों में खेलों को महत्व नहीं दिया जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा का निखार नहीं होता तथा प्रतियोगिताओं में भी टीमों की संख्या गिनी-चुनी रहती है।

School education sports competitions

जिले में खेलकूद प्रतियोगिता का पहला चरण 1 से 4 सितम्बर तक हुआ। शुक्रवार से दूसरा चरण शुरू हुआ है। पहले चरण में भाण्डारेज, गीजगढ़, कालूवास, बांदीकुई, दौसा आदि जगह प्रतियोगिताएं हुई। इनमें टीमों की संख्या कम रही। इससे प्रतिस्पर्धा का स्तर भी कम रहता है। जिले में करीब 2100 विद्यालय हैं। खेलों में 14, 17 व 19 वर्षआयुवर्ग के खिलाडिय़ों की प्रतियोगिताएं हो रही हैं। 14 वर्ष में अधिकतर प्राथमिक व उ"ा प्राथमिक स्तर की स्कूलें भाग लेती हैं। वहीं 17 व 19 वर्ष आयुवर्गमें माध्यमिक व उ"ा माध्यमिक स्तर की स्कूलें शामिल हैं। खास बात यह हैकि माध्यमिक सेटअप में अधिकतर स्कूलों में शारीरिक शिक्षक है। इसके बावजूद एक स्कूल से एक टीम भी तैयार नहीं की जाती है।...

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