अफसरों की नाक के नीचे 'लुट' रही जनता !

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रीवा. जिला मुख्यालय से लेकर तहसीलों में आला अफसरों की नाक के नीचे जनता 'लुट' रही है। जिले में हर माह ज्यूडिशियल और नान ज्यूडिशियल के 50 लाख रुपए से ज्यादा के मेन्युअल स्टांप की खपत है। जबकि जमीन की रजिस्ट्री व ऑनलाइन स्टांप की बिक्री को मिलाकर औसत दस करोड़ रुपए से ज्यादा का स्टांप बिक रहा है। रीवा में सरकार को स्टांप शुल्क के नाम पर हर साल करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा आमदनी हो रही है।

शासन के द्वारा स्टांप वेंडर और सर्विस प्रोवाइडरों को कमीशन एडवांस दिए जाने के बावजूद लोगों को 5, 10, 50 और 100 रुपए के स्टांप के लिए डेढ़ गुना से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। कलेक्ट्रेट परिसर में स्टांप वेंडर की टेबल पर ढेकहा निवासी सूरज 10 रुपए का स्टांप लिया। जिसकी कीमत 20 रुपए देनी पड़ी।...

फोटो - http://v.duta.us/SlsmMgAA

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