हारकर भी मुस्कुराएं और चुनौतियों से ना घबराएं, बुरे वक्त से कहें- 'आओ हम तैयार हैं'

  |   Bhopalnews

भोपाल/ जीवन में निराशा और असंतोष का भाव आना स्वाभाविक सी बात है। जब कोई रास्ता नहीं दिखता तो विफलता, बेरोजगारी, गरीबी, भेदभाव से अवसाद की स्थिति बनती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपना जीवन समाप्त करने के बारे में सोच लेता है। इसमें मानसिक रोगों की भी भूमिका होती है। हालांकि, ऐसे कई लक्षण होते हैं जिनकी समय पर पहचान की जाए, साथ ही उनकी काउंसलिंग की जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

आत्महत्या का प्रमुख कारण

लाइलाज बीमारियों, दांपत्य जीवन में मुश्किलों, प्रेम प्रसंग, परीक्षा व व्यवसाय में फेल होने जैसी स्थितियां आत्महत्या की वजह बनती हैं। कई बार अवास्तविक लक्ष्यों की विफलता भी घातक हो जाती है। विफलता का सामना करने, परिजनों की उम्मीद पर खरा न उतरने से युवा अपनी जीवन लीला समप्त करने का कदम उठा लेते हैं। इनमें एक प्रमुख कारण नशा भी है।...

फोटो - http://v.duta.us/zVHOHwAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/BbbViwAA

📲 Get Bhopal News on Whatsapp 💬