[anuppur] - नर्मदा जन्मोत्सव: पालकी में मां नर्मदा हुई सवार, कलशयात्रा के साथ निकाली गई शोभयात्रा

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धूमधाम से आरम्भ हुई श्री नर्मदा जन्मोत्सव, कन्या पूजन और भंडारा आज

अनूपपुर। वेदों की मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने अमरकंटक के मैकल पर्वत पर नर्मदा को पृथ्वीवासियों के कल्याण के लिए उत्पन्न किया था, साथ ही शिव ने नर्मदा को वरदान दिया था की प्रलय काल में भी उसका विनाश नहीं होगा। इसलिए माता नर्मदा को जीवनदायिनी तथा पृथ्वी-लोक में अकेली रहस्यमयी नदी माना जाता है। वेदो, पुराणों और शास्त्रो में नर्मदा जयंती माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाने का विधान है। शास्त्रों के अनुसार गंगा, यमुना के समान नर्मदा नदी का महत्व है। नर्मदा नदी में स्नान-ध्यान करने से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी परम्पराओं में दो दिवसीय जन्मोत्सव की तैयारी में सोमवार ११ फरवरी को पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा जन्मोत्सव का धार्मिक पर्व धूमधाम से आरम्भ हुआ। इस उपलक्ष्य में पवित्र नगरी अमरकंटक को दुल्हन की तरह सजाकर मंदिर आने वाले भक्तों का स्वागत किया गया। नर्मदा मंदिर वरिष्ठ पुजारियों के साथ नगरवासियों द्वारा माता की पालकी सवारी नर्मदा उद्गम स्थल से निकाली गई और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। नगर के बच्चे, बुजुर्गो और संतों के साथ मां नर्मदा पालकी में सवार होकर मंदिर परिसर से मुख्य मार्ग होते नगर भ्रमण की तथा पुन: मंदिर परिसर पहुंची। शोभायात्रा मंदिर परिसर से नगर भ्रमण करते हुए वैतरणी बस स्टैंड पहुंची, जहां से पुन: मंदिर परिसर की ओर प्रस्थान की। इस दौरान जगह जगह माता की पालकी का नगरवासियों व संतों ने जगह जगह स्वागत करते हुए माता का पूजन अर्चना की। साथ ही माता के जयकारे लगाएं। हालंाकि माता का जन्मोत्सव १२ फरवरी को मनाया जाएगा। लेकिन भक्तों के उत्साव तथा जयकारे से पूरा नगर गुंजायमान हो गया। माता की पालकी जैसे ही मंदिर परिसर पहुंची वैसे ही श्रद्धालुओं ने माता को अपने माथे पर उठाकर मंदिर यज्ञशाला ले जाकर विराजमान किया और विधि विधानपूर्वक पूजा अर्चना बाद चौबीस घंटे का अखंड कीर्तन‘ ऊ नमो: नर्मदा माय रेवा, पार्वती वल्लभ सदा शिवाय: प्रारम्भ किया। कीर्तन टोलियों में पूरी की जाएगी। नर्मदा जन्मोत्सव समिति के अनुसार १२ फरवरी को पूर्व वर्षो की भांति सुबह ११.३० बजे से दोपहर १२.३० बजे तक माता का अभिषेक किया जाएगा। इसके उपरांत दोपहर १२.३० बजे से १ बजे तक आरती एवं भोग लगाया जाएगा। दोपहर १ बजे से २ बजे तक कन्या पूजन एवं दोपहर २ बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जो देर रात्रि तक जारी रहेगा। वहीं शाम ७ बजे से माता नर्मदा की महाआरती की जाएगी। बताया जाता है कि अमरकंटक में इस वर्ष मौसम सुहावना तथा प्रयागराज में अद्र्धकम्भ के आयोजन के कारण माता नर्मदा जन्मोत्सव कार्यक्रम में हजारो की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जहां नर्मदा सरोवर में पवित्र स्नान के साथ माता के पूजन में शामिल होंगे। वहीं सोमवार को माता की निकाली गई शोभायात्रा में जहां नगरवासी झूम-झूम कर पालकी सवारी निकाली, वहीं माता के जन्मोत्सव की खुशी में स्कूली छात्राओं ने भी जुलूस में शामिल होकर जयकारे लगाएं। इस मौके पर पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को सहित पुजारीगण, समिति के सदस्य व नगरवासी शामिल हुए।

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